INTRODUCTION TO OSTEOPOROSIS

  • updated : January 1, 1970 05:30:00
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ऑस्टियोपोरोसिस ऐसी बीमारी है जिसे लेकर जागरूकता की कमी है, जबकि डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह बीमारी दिल की बीमारियों के बाद विश्व की दूसरी सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली बीमारी है। ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों की मजबूती और घनत्व को कम करता है जिससे वह खोखली सी बन जाती हैं।

यह बीमारी इसलिए भी खतरनाक है क्योंकि इसकी चपेट में आने पर हड्डियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि कई बार सिर्फ झुकने या छींकने बस से भी फ्रैक्चर हो जाता है। इससे जुड़े फ्रैक्चर आमतौर पर रीढ़ की हड्डी, कलाई और कूल्हे के हिस्से में होते हैं। पुरुषों से ज्यादा महिलाओं में इस बीमारी के चांस ज्यादा होते हैं।

क्यों होता है ऑस्टियोपोरोसिस

- उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों का विकास कम होने लगता है। ऐसे में वह कमजोर हो जाती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है।

- पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को हड्डियों की समस्याएं ज्यादा होती है यही वजह है कि उन्हें ऑस्टियोपोरोसिस होने के चांस भी ज्यादा होते हैं।

- अगर आपके परिवार में कोई इस बीमारी से पहले पीड़ित रह चुका है तो संभव है कि यह आपके जीन्स में आया हो और आपको भी बढ़ती उम्र में ऑस्टियोपोरोसिस अपनी चपेट में ले ले।

- ऐसे पुरुष या महिलाएं जिनकी हाइट कम होती है उन्हें ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा ज्यादा रहता है।

- थाइरॉयड और सेक्स हॉर्मोन में कमी भी ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ाते हैं।

- डायट में कैल्शियम से जुड़े फूड शामिल नहीं करना और शरीर में विटमिन डी की कमी हड्डियों को बहुत ज्यादा कमजोर बनाते हैं। यही वजह है कि ऑस्टियोपोरोसिस होने की आशंका बढ़ जाती है।

- लंबे समय तक स्टेरॉयड का इस्तेमाल भी हड्डियों को नुकसान पहुंचाते हुए ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ाता है।

- ज्यादा शराब व स्मोकिंग भी ऑस्टियोपोरोसिस होने के रिस्क फैक्टर्स में शामिल हैं।

- ऑस्टियोपोरोसिस के चांस तब भी बढ़ जाते हैं जब व्यक्ति किसी भी तरह का व्यायाम नहीं करता।

बचाव के तरीके

- अपनी डायट में प्रोटीन रिच फूड शामिल करें। प्रोटीन हड्डियों के घनत्व को बढ़ाने में मदद करता है जिससे उनके खोखले होने की आशंका कम हो जाती है।

- वजन को नियंत्रित रखें। ज्यादा वजन हड्डियों पर प्रेशर बढ़ाता है जिससे उनका घिसाव ज्यादा होता है और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है।

- 18 से 50 साल की महिलाएं व पुरुषों को रोजाना करीब 1,000 मिलिग्राम कैल्शियम और इससे ज्यादा की उम्र के लोगों को 1,000 मिलिग्राम कैल्शियम इनटेक रखना चाहिए ताकि बोन की मजबूती बरकरार रखी जा सके।

- विटमिन डी टेस्ट जरूर करवाते रहें। इसकी कमी कैल्शियम को अब्जॉर्ब नहीं होने देती, जिससे हड्डियों को कैल्शियम का फायदा नहीं मिलता और वह कमजोर होती चली जाती हैं।

- रोज व्यायाम जरूर करें। चाहे हेवी वर्कआउट न कर पाएं लेकिन वॉकिंग या जॉगिंग या फिर योग करें, ताकि हड्डियों को मजबूत मिले।